EPFO क्या है ? Epfo Recruitment,Epfo Full form,Results Full Informetion 2020

EPFO क्या है ? Epfo Recruitment,Epfo Full form,Results Full Informetion 2020:-सरकारी विभाग में काम कर रहे लोगों को पता होता है की ,EPFO क्या है लेकिन 90 % लोग इस बात से पूरी तरह से अनजान रहते है,इसलिए आज हम इस पोस्ट में EPFO से जुडी सभी जानकरी इस पोस्ट में देंगे जैसे :- रिक्वायरमेंट्स,पासबुक आदि जिससे की आपको EPFO क्या है ? Epfo Recruitment,Epfo Full form,Results Full Informetion 2020 की पूरी जानकारी मिल सके |

EPFO का फुल फॉर्म क्या है ?

Epf का फुल फॉर्म हिंदी में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन होता है और इंग्लिश में EPF Full form In Hindi– Employees’ Provident Fund or Employees’ Provident Fund Organisation

EPFO क्या है ?

EPFO की स्थापना 15 नवम्बर 1951 में की गई थी इसका उदेश्य किसी संसथान या कारखाने में काम कर रहे कर्मचारी के हितों की रक्षा करना था,कर्मचारी कार्यकाल भविष्य निधि कार्यालय के पास रागिस्टर करना पड़ता था जिस कारखाने या संस्थान में कम से कम 20 कर्मचारी कार्य करते हैं | साथ ही अगर किसी व्यक्ति की सैलरी Rs. 15000/माह से कम है तो उसे नियमानुसार कर्मचारी भविष्य निधि में योगदान करना पड़ता है |

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने हाल ही में EPF, EPS और EDLI  से सम्बंधित नियमों में बदलाव किया गया है और ये नियम 1 सितम्बर, 2014 से लागू हो चुके हैं |आज इस पोस्ट के द्वारा हम कर्मचारी भविष्य निधि के बारे में सभी जानकारी प्राप्त करेंगे|

EPFO को भारत में अधिनियम द्वारा बनी योजनाओं में एक त्रिपक्षीय बोर्ड एवं केंद्र न्यासी बोर्ड (Central Board of Trustee) द्वारा किया जाता है,कुश समय पहले यह क़ानून जम्मू और कश्मीर को छोड़कर पूरे भारत में लागु था लेकिन इस समय में यंहा पर भी लागु कर दिया गया है,इस तरह  भारत में लगभग सभी कर्मचारी अपने बटन में से कुछ पैसे भविष्य निधि में जमा करके अपना रिटायरमेंट जीवन को सुखी बनाते हैं|

EPFO काम कैसे करता है ? How does EPFO work?

जब कोई व्यक्ति किसी संस्था या कम्पनी में काम करना शुरू करता है तो उसकी सैलरी से 12 % काट लिया जाता है,जिसमे से वह पूरा पैसा कम्पनी को चला जाता है लेकिन कम्पनी द्वारा केवल 3.76 % ही जमा हो पाता है बकाया का 8.33% कर्मचारी पेंशन योजना  (Employee’s Pension Scheme-EPS)  में जमा हो जाता है | उदहारण के तौर पर यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी Rs. 5000/माह है तो इसमें से सिर्फ 8.33% ( Rs.416)  ही कर्मचारी पेंशन योजना  (Employee’s Pension Scheme-EPS) में जमा होंगे बकाया रुपया EPF में जमा हो जाता है |

इस प्रकार कर्मचारी और कम्पनी द्वारा इकट्ठा किये गए धन को लेकर EPF ACCOUNT बनाया जाता है,जिसमे यह धन जमा करके प्रति वर्ष ब्याज भुगतान किया जाता है और इसके ब्याज का निर्धारण सरकार और न्यासी बोर्ड मिलकर करती है अभी के समय में 8 % ब्याज दर है|

EPFO के द्वारा जमा पूरे धन पर लाभ मिलता है ?

नहीं, सरकार की ओर से दिया जाने वाला ब्याज सिर्फ उस धन पर मिलता है जो कि कर्मचारी की सैलरी से काटा जाता है अर्थात EPS  के अंतर्गत जमा धन पर ब्याज नही मिलता है | कंपनी द्वारा किये गए योगदान पर सरकार कर नही लगाती है(आयकर अधिनियम की धारा में आर्टिकल 80C के तहत ) जबकिकर्मचारी द्वारा कमाए गए ब्याज पर कर देना पड़ता है |

क्या EPFO में नाम नेशन की सुविधा उपलब्द्ध है ?

जी हाँ,इप्फो में आप अपने परिवार का कोई भी सदस्य नाम नेशन में रख सकते है, आपकी मृत्यु होने के बाद आपके नॉमिनी को आपके पीएफ का सारा पैसा दिया जाता है। और साथ में अगर आपने पहले किसी और को नाम नेशन में रखा है और उसको बदलना चाहते है या उसमे कुछ अपडेट करना चाहते है तो आपको फॉर्म संख्या 2 भरना होता है|

क्या EPF में पेंशन मिल सकता है ?

हाँ, दरअसल कर्मचारी की सैलरी से हर महीने जो रकम काटी जाती है उसका मुख्य मकसद आपको सेवा मुक्त होने के बाद वित्तीय रूप से सक्षम रखना ही है | हालांकि पेंशन पाने के लिए निम्न शर्तों को मानना जरूरी है |

  • पेंशन 58 वर्ष की आयु के बाद ही मिलती है।
  • पेंशन केवल तब ही मिल सकती है जब आपने नौकरी के 10 साल पूरे किए हों। अगर आपने नौकरी बदली है तो उस स्थिति में आपका ईपीएफ अकांउट ट्रांसफर किया गया हो।
  • न्यूनतम पेंशन 1000 रूपए प्रति माह, जबकि अधिकतम 3250 रूपए प्रति माह दी जाती है।
  • यह पेंशन ईपीएफ खाता धारक को आजीवन और उसके मरने के बाद उसके परिवार को दी जाती है।

क्या EPF का पैसा एक साथ निकाला जा सकता है ?

नहीं ,आप EPF का पैसा एक साथ नहीं निकल सकते है क्योंकि मान लीजिये आपके खाते में आज की तारीख तक आपका कॉन्ट्रीब्यूशन और एम्पलॉयर कॉन्ट्रीब्यूशन मिलाकर आपके ईपीएफ खाते में 350000 रूपए हैं। इसमें से मान लीजिए कि 250000 रूपए पीएफ के हैं और 100000 रूपए पेंशन के।

अब अगर आप अपनी नौकरी के छठे साल में ही पीएफ का पैसा निकालने की सोचतें हैं तो ऎसा मत सोचिए कि आपको 350000 रूपए मिलेंगे। आपको ईपीएफ का तो पूरा पैसा मिल जाएगा, लेकिन ईपीएस के लिए नियम अलग हैं। यह ‘टेबल D’ के हिसाब से मिलता है। यह आपकी सैलेरी पर कैलकुलेट किया जाता है। यानी कि अगर आपकी सैलेरी 30000 रूपए प्रति माह है और आप छठे साल में नौकरी छोड़ रहे हैं तो आपको 15000*6.40 = 96000 रूपए मिलेंगे। (15000 रूपए प्रतिमाह सैलेरी की मैक्सिमम लिमिट है।

क्या नौकरी छोड़ने के तुरंत बाद हम EPFO का पैसा निकल सकते है ?

नहीं आप ऐसा कभी भी नहीं कर सकते है,ऐसा करना बस एक ही सूरत में संभव है जब आप अपनी पिछली नौकरी छोड़ कर दो महीने से बेरोजगार बैठे है तब आप केवल इस सूरत में अपने EPF अकाउंट से पैसा निकल सकते है,नहीं तो अगर आप इससे पहले ऐसा कुछ करते है तो या गैर कानूनी माना जायेगा और आपको जेल भी हो सकती है|

क्या हम EPFO का पैसा कटवाने से मना कर सकते है ?

जी हाँ बिलकुल अगर आप चाहते है की आपके खाते से एक भी पैसे न काटे जाएँ तो आप पहले ही इससे बहार आने के लिए फॉर्म संख्या 12 को भरकर दे दीजिये जिससे की आपके पैसे से कोई भी कटौती नहीं की जायेगी और अगर आप EPFO का एक भी कटौती जमा कर देतें है तो EPFO से बहार आना आपके लिए मुश्किल हो जाता है |

नोट :-लिखना अभी बाकि है 🙂

दोस्तों हमने इस पोस्ट में EPFO से जुडी लगभग सभी जानकरी देने की कोशिश की है लेकिन अभी भी इस पोस्ट में लिखना शेष है क्योंकि यह कोई छोटा विषय नहीं है,आपसे अनुरोध है की हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर ले एवं किसी भी जानकारी के लिए कमेंट जरुर करें हम आपका प्रश्न जरुर हाल करेंगे….धन्यवाद

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